

सागर, वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 *राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर भारत सरकार का नेशनल अवार्ड प्राप्त सारिका घारू ने मध्यप्रदेश के आदिवासी वर्ग की किशोरियों के बीच आयोजित प्रेरणा कार्यक्रम में वैज्ञानिक जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की किशोरियों को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथेमेटिक्स (STEM) को अपने करियर के रूप में चुनने के लिए प्रेरित करना अत्यंत आवश्यक है।सारिका ने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम ‘विज्ञान में महिलाएं: विकसित भारत को गति देने वाली’ है। यह थीम विकसित भारत के निर्माण में महिला वैज्ञानिकों के योगदान को रेखांकित करने और अधिक से अधिक महिलाओं को विज्ञान के क्षेत्र में आगे लाने के उद्देश्य से निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि केवल बड़े सभागारों में कार्यक्रम आयोजित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर विज्ञान के प्रति जागरूकता और रुचि उत्पन्न करना अधिक महत्वपूर्ण है। जनजातीय क्षेत्रों में प्रतिभा और नवाचार की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन की, ताकि यहां की किशोरियां आधुनिक विज्ञान केंद्रों में शोध कार्य कर सकें। कार्यक्रम के दौरान विज्ञान के महत्व को समझाने के लिए लोक कला का भी उपयोग किया गया, जिससे किशोरियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सारिका ने जानकारी दी कि महान भारतीय भौतिक वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट रमन ने 28 फरवरी 1928 को अपनी ऐतिहासिक खोज ‘रमन प्रभाव’ की घोषणा की थी। इसी उपलब्धि की स्मृति में प्रतिवर्ष 28 फरवरी को पूरे देश में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। पहला राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 28 फरवरी 1987 को मनाया गया था।